विषय: "जागो! प्रभु का आगमन निकट है"
परिचय
प्रिय भाइयों और बहनों, आज हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं, जो बाइबल में "अंत के दिन" कहलाता है। यीशु मसीह ने स्वयं चेतावनी दी थी कि उनका दूसरा आगमन अचानक होगा, और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। मत्ती 24:44 में वे कहते हैं, *"इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते नहीं, उसी घड़ी में मनुष्य का पुत्र आएगा।"*
आज का यह प्रचार आपको प्रभु के आगमन के लिए तैयार करने के लिए है। हम देखेंगे कि अंत के दिनों के लक्षण क्या हैं, हमें क्यों तैयार रहना चाहिए, और कैसे हम अपने जीवन को प्रभु के लिए पवित्र और स्वीकार्य बना सकते हैं।
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1. अंत के दिनों के लक्षण
बाइबल हमें स्पष्ट रूप से बताती है कि प्रभु का आगमन निकट होने पर संसार में कुछ खास लक्षण दिखाई देंगे। आइए, कुछ प्रमुख लक्षणों पर विचार करें:
- आध्यात्मिक ठंडक और पाप का बढ़ना: 2 तीमुथियुस 3:1-5 में लिखा है कि अंत के दिनों में लोग स्वार्थी, लोभी, अभिमानी, और परमेश्वर से दूर होंगे। आज हम देखते हैं कि लोग सत्य को छोड़कर झूठे सिद्धांतों के पीछे भाग रहे हैं।
- युद्ध, प्राकृतिक आपदाएँ, और महामारी: मत्ती 24:6-7 में यीशु ने कहा कि हम युद्धों, भूकंपों, और अकाल की बातें सुनेंगे। आज विश्व में अशांति, प्राकृतिक आपदाएँ, और बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
- सुसमाचार का प्रचार: मत्ती 24:14 में यीशु ने कहा, *"और राज्य का यह सुसमाचार सारी दुनिया में प्रचार किया जाएगा।"* आज, सुसमाचार हर कोने में पहुँच रहा है, जो प्रभु के आगमन का एक बड़ा संकेत है।
ये लक्षण हमें एक चेतावनी है कि समय कम है। लेकिन ये हमें डराने के लिए नहीं, बल्कि हमें जागने और तैयार होने के लिए हैं।
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2. हमें क्यों तैयार रहना चाहिए?
प्रभु का दूसरा आगमन कोई साधारण घटना नहीं होगी। यह वह दिन होगा जब यीशु मसीह महिमा और सामर्थ्य के साथ आएंगे।
- न्याय का दिन: 2 कुरिन्थियों 5:10 कहता है, *"क्योंकि हम सब को मसीह की न्याय की गद्दी के सामने उपस्थित होना होगा।"* उस दिन, हर व्यक्ति को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा।
- मुक्ति की पूर्णता: जो लोग यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं, उनके लिए यह अनन्त जीवन और प्रभु के साथ अनन्त आनंद का समय होगा (1 थिस्सलुनीकियों 4:16-17)।
- अचानक आगमन: मत्ती 24:36 में यीशु कहते हैं कि उस दिन और घड़ी को कोई नहीं जानता। इसलिए, हमें हर पल तैयार रहना होगा।
क्या आप उस दिन के लिए तैयार हैं? क्या आपका जीवन प्रभु के सामने स्वीकार्य है? अगर नहीं, तो आज ही वह कदम उठाएँ जो आपको प्रभु के करीब लाए।
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3. प्रभु के आगमन के लिए कैसे तैयार हों?
प्रभु के लिए तैयार होना कोई जटिल बात नहीं है, लेकिन इसके लिए आपके हृदय और जीवन में बदलाव की आवश्यकता है। यहाँ कुछ व्यावहारिक कदम हैं:
1. पश्चाताप करें और प्रभु की ओर फिरें: प्रेरितों 3:19 कहता है, *"अब पश्चाताप करो और फिरो कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएँ।"* अपने पापों को प्रभु के सामने स्वीकार करें और उनसे क्षमा माँगें।
2. विश्वास और आज्ञाकारिता: इब्रानियों 11:6 कहता है, *"विश्वास बिना परमेश्वर को प्रसन्न करना अनहोना है।"* यीशु पर पूर्ण विश्वास करें और उनकी आज्ञाओं का पालन करें।
3. प्रार्थना और वचन में समय बिताएँ: बाइबल और प्रार्थना आपके आध्यात्मिक जीवन की रीढ़ हैं। भजन 119:105 कहता है, *"तेरा वचन मेरे पाँव के लिए दीपक और मेरे मार्ग के लिए उजियाला है।"*
4. सुसमाचार बाँटें: मरकुस 16:15 में यीशु ने कहा, *"सारे जगत में जाकर सृष्टि की सब सृष्टि को सुसमाचार प्रचार करो।"* दूसरों को प्रभु के बारे में बताएँ ताकि वे भी बचाए जाएँ।
5. पवित्र और सतर्क जीवन जिएँ: 1 पतरस 1:15-16 कहता है, *"जिसने तुम्हें बुलाया वह पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल-चलन में पवित्र बनो।"* अपने जीवन को पवित्रता के लिए समर्पित करें।
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4. प्रभु का वादा और हमारी आशा
प्रिय मित्रों, अंत के दिन डर का समय नहीं, बल्कि आशा और उत्साह का समय है। यीशु ने यूहन्ना 14:3 में वादा किया, *"मैं फिर आऊँगा, और तुम्हें अपने पास ले जाऊँगा; कि जहाँ मैं हूँ, वहाँ तुम भी हो।"*
जब हम प्रभु के साथ अनन्तकाल बिताएंगे, तब न कोई दुख होगा, न आँसू, न मृत्यु (प्रकाशितवाक्य 21:4)। यह हमारी आशा है, और यही हमें हर दिन प्रभु के लिए जीने की प्रेरणा देती है।
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निष्कर्ष
आज का यह प्रचार एक निमंत्रण है। प्रभु आपको बुला रहे हैं कि आप जागें, तैयार हों, और उनके आगमन की प्रतीक्षा करें। क्या आप तैयार हैं? अगर नहीं, तो आज ही अपने जीवन को प्रभु को समर्पित करें। अगर आप तैयार हैं, तो और भी दृढ़ता से प्रभु की सेवा करें और दूसरों को उनके पास लाएँ।
प्रार्थना:
प्रिय स्वर्गीय पिता, हम तेरी महिमा करते हैं कि तूने हमें अपने दूसरे आगमन का वादा दिया। हम प्रार्थना करते हैं कि तू हमें तैयार करे, हमारे हृदय को पवित्र करे, और हमें तेरे लिए जीने की शक्ति दे। जो लोग अभी तक तुझे नहीं जानते, उनके हृदय को छू। हम तेरे आगमन की प्रतीक्षा करते हैं। यीशु के नाम में, आमीन।
आव्हान:
- जो लोग आज यीशु को अपने जीवन में स्वीकार करना चाहते हैं, कृपया प्रार्थना के लिए आगे आएँ।
- इस सप्ताह, कम से कम एक व्यक्ति को सुसमाचार सुनाएँ और उन्हें प्रभु के करीब लाएँ।
अंतिम वचन: *"देख, मैं शीघ्र आनेवाला हूँ; और हर एक को उसके काम के अनुसार बदला देने के लिये मेरे पास प्रतिफल है।" (प्रकाशितवाक्य 22:12)*
प्रभु आपको आशीष दे और आपको अपने आगमन के लिए तैयार करे! आमीन।
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